दिल्ली की एक अदालत ने एक दवा की मंजूरी से जुड़े कथित रिश्वतखोरी के मामले में पूर्व संयुक्त औषधि नियंत्रक और तीन अन्य को यह कहते शनिवार को आरोपमुक्त कर दिया कि अभियोजन पक्ष प्रथम दृष्टया मामला साबित नहीं कर पाया। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विशाल पाहुजा ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के पूर्व संयुक्त औषधि नियंत्रक डॉ. ईश्वर रेड्डी सनपा रेड्डी; नियामक के अधिकारी अनिमेष कुमार; ‘बायोइनोवैट रिसर्च सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ निदेशक गुलजीत सेठी उर्फ गुलजीत चौधरी; और ‘बायोकॉन बायोलॉजिक्स लिमिटेड’ के एसोसिएट उपाध्यक्ष एल प्रवीण कुमार को आरोपमुक्त कर दिया। सीबीआई ने जून 2022 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत यह मामला दर्ज किया था।
एजेंसी ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने ‘बायोकॉन बायोलॉजिक्स’ को फायदा पहुंचाने के लिए रेड्डी को नौ लाख रुपये देने की साजिश रची थी, जिसमें उसके ‘इंसुलिन एस्पार्ट इंजेक्शन’ के लिए तृतीय चरण के नैदानिक परीक्षण में छूट देना भी शामिल था।
स्रोत: एजेंसियां / Asbabe Hindustan Feeds
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