📅 मंगलवार, 03 नवंबर 2026 | असबाबे-हिंदुस्तान डिजिटल पोर्टल

Hurun India Index: 50 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले भारतीय Startups की संख्या 51 हुई

📅 प्रकाशित: November 4, 2026 | श्रेणी: बिज़नेस

मुंबई, तीन नवंबर भारतीय स्टार्टअप में 50 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली कंपनियों की संख्या 2026 में बढ़कर 51 हो गई है। यह एक साल पहले 47 थी। कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की कंपनियों की संख्या कम होने के बावजूद यह वृद्धि हुई है।

मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। एएसके प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया गजेल इंडेक्स, 2026’ की रिपोर्ट के अनुसार, इन 51 कंपनियों का कुल मूल्यांकन करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये (34.1 अरब डॉलर) है। इनका औसत मूल्यांकन करीब 6,400 करोड़ रुपये है और ये 60,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि इन कंपनियों का कुल राजस्व 33,233 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 50 प्रतिशत बढ़ा है। हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा कि इस सूची में एआई क्षेत्र की केवल तीन कंपनियां- एमा एआई, ऑब्जर्व एआई और यूनिफाईऐप्स शामिल हैं। यह संख्या अमेरिका की 54 और चीन की 23 ऐसी कंपनियों की तुलना में काफी कम है।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद 50 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली भारतीय कंपनियों की संख्या इस साल बढ़कर 51 हो गई है। एआई क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों की कमी को अक्सर भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी निवेशकों की निकासी का एक प्रमुख कारण बताया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में सात स्टार्टअप कंपनियों का मूल्यांकन एक अरब डॉलर के पार पहुंच गया और वे यूनिकॉर्न बन गईं।

इनमें ट्विन हेल्थ का मूल्यांकन 70 करोड़ डॉलर से बढ़कर दो अरब डॉलर हो गया। इन सात में से छह कंपनियां वित्तीय सेवाओं और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़ी हैं। एएसके प्राइवेट वेल्थ के सह-संस्थापक, मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक राजेश सलूजा ने कहा, ‘‘यह उद्यमिता के ऐसे आधार को दर्शाता है जो विभिन्न क्षेत्रों और भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता वाले कारोबार खड़े कर रहा है।’’
रिपोर्ट में कहा गया है कि उभरते क्षेत्रों में एआई और स्वच्छ प्रौद्योगिकी सबसे बड़े क्षेत्र हैं।

इन दोनों क्षेत्रों में तीन-तीन स्टार्टअप कंपनियां हैं। एआई समूह में एमा एआई, ऑब्जर्व एआई और यूनिफाईऐप्स शामिल हैं, जबकि स्वच्छ प्रौद्योगिकी समूह में कार्बन क्लीन सॉल्यूशंस, लोहुम और रेजॉन सोलर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सीजीयू इंडेक्स की शुरुआत से अबतक कुल 34 स्टार्टअप कंपनियां यूनिकॉर्न बन चुकी हैं।

दो स्टार्टअप कंपनियां शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हुईं। इनमें जनवरी, 2026 में शैडोफैक्स और जून, 2026 में टर्टलमिंट शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 10 स्टार्टअप कंपनियों के मुख्यालय भारत से बाहर हैं।

इनमें सात अमेरिका, दो सिंगापुर और एक ब्रिटेन में स्थित हैं। स्टार्टअप कंपनियों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। इसमें कहा गया है कि स्टार्टअप संस्थापकों के स्नातक अध्ययन के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), खड़गपुर सबसे प्रमुख संस्थान है।

इस संस्थान से 13 संस्थापकों ने पढ़ाई की है। इसके बाद आईआईटी, बंबई और आईआईटी, कानपुर का स्थान है, जहां से छह-छह संस्थापकों ने स्नातक की पढ़ाई की है। इसके अलावा, स्टार्टअप संस्थापकों के बीच स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए आईआईटी, बंबई सबसे प्रमुख संस्थान है, जहां से सात संस्थापकों ने पढ़ाई की है।

इसके बाद पांच संस्थापकों के साथ आईआईएम, अहमदाबाद का स्थान है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छह स्टार्टअप कंपनियों में महिला संस्थापक हैं। इनमें एटलान की प्रुकल्पा शंकर, स्टैशफिन की श्रुति अग्रवाल, फिनोवा कैपिटल की सुनीता साहनी, आईएनडीमनी की अमृता सिरोहिया, प्रोगकैप की पल्लवी श्रीवास्तव और जीवा की निकिता प्रसाद शामिल हैं।

स्रोत: एजेंसियां / Asbabe Hindustan Feeds

×

Instant Payment

असबाबे-हिंदुस्तान UPI QR

GPay / PhonePe / Paytm से QR कोड स्कैन करें