हैदराबाद, पांच नवंबर भाजपा उपाध्यक्ष राम माधव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ का विमर्श फैलाने के पीछे कांग्रेस का असली मकसद यह दिखाना है कि भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गलत तरीकों से सत्ता में आए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ चुनावी लड़ाई जीत न पाने के कारण, कांग्रेस यह दावा करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है कि उसकी हार ‘वोट चोरी’, ईवीएम या निर्वाचन आयोग की वजह से हुई है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “कांग्रेस नेतृत्व का असली मकसद सिर्फ निर्वाचन आयोग या मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार में कमियां निकालना नहीं है।
कांग्रेस नेतृत्व भारत के महान लोकतांत्रिक इतिहास पर दाग लगाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही, यह दिखाने की भी कोशिश की जा रही है कि करोड़ों लोगों के आशीर्वाद से सत्ता में आए मोदी और भाजपा का चुनाव गलत तरीके से हुआ था।”
लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा कर प्रधानमंत्री मोदी के चुनाव जीतने के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी पर भी चुनाव जीतने के लिए अलोकतांत्रिक तरीके अपनाने के आरोप लगे थे। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद कि इंदिरा गांधी ने गलत तरीकों से चुनाव जीता था, उन्होंने देश में आपातकाल लगाकर “लोकतंत्र की हत्या” करने की कोशिश की।
उन्होंने आरोप लगाया कि 1987 में जम्मू-कश्मीर के चुनावों में राजीव गांधी ने, तत्कालीन मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के साथ मिलकर, गलत तरीकों का इस्तेमाल किया जिससे वहां उग्रवाद को बढ़ावा मिला। माधव ने कहा, “यह हास्यास्पद है कि राहुल गांधी इस इतिहास को भूल जाते हैं और यह गलत जानकारी फैलाते हैं कि भाजपा अनुचित तरीकों से चुनाव जीत रही है।”
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में, उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री इंद्रजीत गुप्ता ने कहा था कि देश में 1.25 करोड़ अवैध प्रवासी मौजूद हैं। उन्होंने पूछा कि जब मतदाता सूची से अवैध प्रवासियों, स्थानांतरित लोगों, मृतकों और दोहराव वाले मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, तो कांग्रेस इतनी चिंतित क्यों होती है?
उन्होंने कहा, “कांग्रेस को अवैध प्रवासियों के समर्थन से चुनाव जीतने की आदत है।”
देश में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि इसमें छह करोड़ ऐसे मतदाता शामिल हैं जो दूसरी जगह चले गए हैं, लगभग तीन करोड़ मतदाता जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लगभग 1 करोड़ मतदाता जिनके नाम दो बार दर्ज थे, और लगभग 2 करोड़ मतदाताओं के मामले में उचित प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध करने का विरोध करके कांग्रेस ने अपना दिवालियापन दिखा दिया है। संसद के बाहर प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहस करने की मांग को लेकर राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि उनके साथ तो केवल बॉलीवुड कॉमेडियन जॉनी लीवर या मशहूर तेलुगु कॉमेडियन ब्रह्मानंदम ही बहस कर सकते हैं।
उन्होंने पूछा, “विपक्ष के नेता को सत्ताधारी दल के साथ कहां बहस करनी चाहिए? यह संसद में होनी चाहिए। उनके (राहुल गांधी) साथ बहस करने के लिए तो हमें जॉनी लीवर या ब्रह्मानंदम को भेजना पड़ेगा।
हम सड़कों पर कैसे बहस कर सकते हैं?”
हालांकि राजग सरकार एक विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है, लेकिन राहुल गांधी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। माधव ने कहा, “वह पहले ही अमेरिका जा चुके हैं।”
स्रोत: एजेंसियां / Asbabe Hindustan Feeds



