आज का युवा अपनी सेहत को लेकर काफी एक्टिव रहता है। वजन बढ़ने और ब्लड शुगर की समस्या के बीच खानपान में हेल्दी ऑप्शन की तलाश भी बढ़ गई है।
इसी कारण से मिलेट्स के साथ ही जौ का आटा भी काफी चर्चाओं में बना हुआ है। असल में जौं में बीटा-ग्लूकन नाम का घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल कम करने और भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाली बढ़ोतरी की नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
वहीं, इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरी रखता है। इससे वजन मैनेजमेंट में मदद मिलती है। अब सवाल बनता है कि गेहूं की रोटी की जगह जौ की रोटी खाना फायदेमंद क्यों है। आइए आपको बताते हैं।
जौ का आटा क्या है और इसमें कौन-से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
जौ में एक साबुत अनाज है, इसके आटे का सेवन करने से फाइबर, प्रोटीन, विटामिन-B समूह और आयरन, मैग्नीशियम जैसे खनिज पाए जाते हैं।
जौ के आटे की सबसे खास बात यह है कि इसमें मौजूद बीटा-ग्लूकन है। वैसे यह एक प्रकार का घुलनशील फाइबर है, जो कि पाचन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
जौ के आटे की रोटी खाने के 5 फायदे
ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मददगार
जौ में बीटा-ग्लूकन भोजन के पाचन और कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की गति को धीमा कर सकता है। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर में तेजी से होने वाली बढ़ोतरी को कम करने में मदद मिलेगी।
वजन कम करने में सहायक
जौ के आटे में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रहता है। यह बार-बार भूख लगने और जरुरत से ज्यादा खाने की आदत को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
जौ में पाए जाने वाला फाइबर आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और कब्ज की समस्या में राहत दिलाता है। इसलिए इसका सेवन पर्याप्त पानी और संतुलित डाइट के साथ खाना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद
जौ में मौजूद बीटा-ग्लूकन घुलनशील फाइबर LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। इसका हार्ट को लाभ मिल सकता है।
किन लोगों को जौ का आटा खाने से बचना चाहिए?
सीलिएक रोग से पीड़ित लोग: जौ में ग्लूटेन मौजूद होता है, जो सीलिएक बीमारी से ग्रस्त लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए उन्हें जौ खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
– ग्लूटेन के प्रति संवेदनशील लोग: जिन लोगों को ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ खाने से परेशानी होती है, उन्हें जौ का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
– पाचन की समस्या से जूझ रहे लोग: जौ में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में इसे अचानक ज्यादा खाने से गैस, पेट में भारीपन या सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
स्रोत: एजेंसियां / Asbabe Hindustan Feeds



