मुस्लिम चेहरे से इतना घबरा गए ट्रंप! US में लिखा जाएगा इतिहास, मिड टर्म चुनाव में क्यों इतना चर्चा में है 'अब्दुल'?

अब्दुल अल-सैयद एक ऐसा नाम है, जिस पर आजकल अमेरिकी राजनीति में काफी चर्चा हो रही है। वे एक ऐसे मुस्लिम व्यक्ति हैं जो अमेरिकी राजनीति में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। लेकिन चुनाव से पहले ही, उनकी धार्मिक पहचान, उनके नाम और उनकी विचारधारा को लेकर अमेरिका में एक राजनीतिक जंग छिड़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी उन्हें ‘जिहादी’ कहते हैं, तो कभी उन पर ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से जुड़े होने का आरोप लगाते हैं। ट्रंप ने तो यहाँ तक कह दिया कि अगर अब्दुल अल-सैयद सीनेट में पहुँचते हैं, तो उन्हें मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना चाहिए। लेकिन अल-सैयद भी चुप नहीं बैठे हैं। वे ट्रंप के आरोपों का जवाब दे रहे हैं और महंगाई, गैस की कीमतें, किराया और स्वास्थ्य सेवा की बढ़ती लागत को चुनाव के असली मुद्दे बता रहे हैं।  

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आखिर अब्दुल अल-सैयद कौन हैं? 

अब्दुल अल-सैयद इस समय मिशिगन से अमेरिकी सीनेट का चुनाव लड़ रहे हैं। अगर वे जीत जाते हैं, तो वे अमेरिकी इतिहास के पहले मुस्लिम अमेरिकी सीनेटर बन जाएंगे। यह अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा मील का पत्थर होगा, क्योंकि इससे पहले कभी कोई मुस्लिम अमेरिकी सीनेट में नहीं रहा है। मिशिगन में बड़ी संख्या में अरब अमेरिकी और मुस्लिम मतदाता रहते हैं। इस संदर्भ में, अल-सैयद की उम्मीदवारी इन समुदायों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से भी जुड़ गई है। लेकिन यह चुनाव केवल धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं है। मिशिगन सीनेट सीट के लिए, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स से है। मौजूदा सीनेटर गैरी पीटर्स फिर से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। इसलिए, इस सीट पर जीत सीनेट में दोनों पार्टियों के बीच सत्ता के संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है। अब सवाल यह है कि अल-सैयद, ट्रम्प के निशाने पर क्यों हैं? 25 अक्टूबर को मिशिगन के पोर्ट ह्यूरॉन में रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स के समर्थन में आयोजित एक रैली में,ट्रंप ने अल-सैयद को जिहादी और ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ का सदस्य बताया। ट्रंप ने आरोप लगाया कि अल-सैयद का सीनेट में पहुंचना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने यहां तक ​​कह दिया कि अगर अल-सैयद सीनेटर बनते हैं, तो उन्हें सीनेट में प्रवेश करने से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा।

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ट्रंप ने उनके नाम को भी निशाना बनाया और उनकी धार्मिक पहचान को लेकर टिप्पणियां कीं। रैली के दौरान, 9/11 के आतंकी हमलों का जिक्र करके भी अल-सैयद को निशाना बनाया गया। लेकिन ट्रंप के इन हमलों के बावजूद, अल-सैयद ने जवाब देने में कोई संकोच नहीं किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप उनके नाम, धर्म और परिवार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि वे देश के सामने मौजूद असली मुद्दों पर बात करने में नाकाम रहे हैं। मेटल डिटेक्टर वाली टिप्पणी का मजाक उड़ाते हुए, अल-सैयद ने कहा कि अगर ट्रंप ‘लाई डिटेक्टर’ (झूठ पकड़ने वाला) टेस्ट देने के लिए तैयार हैं, तो वे हर दिन मेटल डिटेक्टर से गुजरने के लिए तैयार हैं।

स्रोत: एजेंसियां / Asbabe Hindustan Feeds

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